
सपनों का दर्ज़ी
लोगएक युवा दर्ज़ी खिड़की के पास चुपचाप सपने देखती है, उसकी चोटी को सूर्य की किरणें हल्के से रोशनी देती हैं। उसका दिल कल्पना की दुनिया में यात्रा करता है, यह सोचते हुए कि कौन से सुंदर कपड़े बनाए जाएं।

एक युवा दर्ज़ी खिड़की के पास चुपचाप सपने देखती है, उसकी चोटी को सूर्य की किरणें हल्के से रोशनी देती हैं। उसका दिल कल्पना की दुनिया में यात्रा करता है, यह सोचते हुए कि कौन से सुंदर कपड़े बनाए जाएं।