
अलीबाबा और चालीस चोर:छिपे तो हैं मगर जूते दिख रहे हैं(हास्य)
फैंटेसी‘अलीबाबा और चालीस चोर’ से प्रेरित दृश्य: ‘छिपे तो हैं मगर जूते दिख रहे हैं’। लोककथा का मज़ेदार रूपांतरण, जिसमें रंग भरने के लिए भावपूर्ण चेहरे और चंचल हावभाव हैं।
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